कैंसर (Cancer ) एक गंभीर बीमारी है, जिसमे कि मरीज की जान तक चली जाती है ! पर कैंसर का उपचार शुरुआती स्टेज पर पता चलने के बाद कई मामलों में ईलाज आयुर्वेद द्धारा संभव है। हरियाणा के प्रसिद्ध नाड़ी विशेषज्ञ (आयुर्वेदिक एक्सपर्ट,वेलनेस कोच ) डॉ अभिमन्यु भार्गव जी ने बताया कि कोशिकाओं की विभाजन की प्रक्रिया जब पूरी तरह से असंतुलित हो जाती है तो उससे कैंसर (Cancer ) होता है शरीर की कोशिकाएं अनियंत्रित होकर बढ़ती चली जाती है और पूरे शरीर में फैल जाती है तब यह शरीर के अंगो के काम करने पर परेशानी देती है। जिस वजह से उन हिस्सों पर कोशिकाओं की गाँठ बन जाती है जिसे कैंसर कहते है!
अब हमारे एक्सपर्ट से जान लेते है की कैंसर के कितने स्टेज होते है !
कैंसर की मुख्य 4 अवस्थाएं होती है:-
•कैंसर की पहली और दूसरी स्टेज में कैंसर का ट्यूमर बहुत छोटा होता है और यह ट्यूमर आस-पास के टिश्यूस की गहराइयों तक नहीं फैलता है।
•तीसरी स्टेज में कैंसर बहुत तेजी विकसित होता है। इस स्टेज में ट्यूमर बड़ा हो जाता है। और शरीर के दूसरे अंगों में इसके फैलने की सम्भावना बढ़ जाती है।
•चौथी स्टेज कैंसर की अंतिम अवस्था होती है। इस स्टेज में इलाज होना संभव नहीं पर इस स्तिथि में मरीज को बस आयुर्वेद की मदद से राहत दी जा सकती है जिससे उसकी क्वालिटी लाइफ बढ़ जाए !
डॉ अभिमन्यु भार्गव जी से अब जान लेते है कि कैंसर के मुख्य प्रकार और लक्ष्ण कौन कौन से हैं । कैंसर के लक्षण भी कैंसर पर निर्धारित होते है । लेकिन कुछ आम लक्षणों के बारे में आपको हम बताते है जैसे कि :-
• खून की कमी होना जिससे एनीमिया भी कहा जाता है, तेज बुखार आना एवं बुखार का लम्बे समय तक ठीक ना होना, थकान और कमज़ोरी महसूस होना।
• ख़ासी के साथ खून का आना, लंबे समय तक कफ़ का होना, कफ़ के साथ म्यूकस आना।
• स्तन में गांठ, माहवारी के समय अधिक रक्त का स्त्राव होना।
•खाने और निगलने में दिक्कत
*एक नया तिल या मौजूदा तिल में बदलाव
*ख़राश जो ठीक नहीं हो पाए ।
*आवाज बैठना या खाँसी का नियंत्रण होना !
*आंत्र या मूत्राशय की आदतों में परिवर्तन।
*वजन में बिना किसी कारण के वृद्धि या कमी।
*असामान्य रक्त का स्राव या डिस्चार्ज
*कमजोर लगना या अत्यधिक थकावट महसूस करना
*ब्रैस्ट या शरीर के किसी हिस्से में कड़ापन या गांठ।
कैंसर के मुख्य प्रकार :-
गर्भाशय का कैंसर:- छोटी उम्र में विवाह का होना, प्रसव का अधिक होना, प्रसव के दौरान गर्भाशय में किसी प्रकार का घाव और सही होने के पहले ही गर्भधारण हो जाता है तो 40 की उम्र के बाद गर्भाशय का कैंसर होने का खतरा हो जाता है। मेनोपॉज के बाद भी रक्तस्त्राव का होना, पैरो में दर्द रहना ।
ब्रैस्ट कैंसर:- अधिक प्रसव एवं शिशु को स्तन पान ना कराने से ब्रैस्ट होता है। ओवरी से जो हार्मोन उत्सर्जित होते है वह भी स्तन कैंसर को पैदा करते है। अपने स्तन की नियमित रूप से जांच करवाते रहने से इसका जल्दी उपचार किया जा सकता है। नियमित जांच और सही खान-पान से सभी कैंसर का शुरुआती स्टेज में पता लगाया जा सकता है। जिससे इसके इलाज में आसानी होती है।
मुख का कैंसर:- तम्बाकू, गुटका का सेवन करना मुख और गले के कैंसर होने के का प्रमुख कारण होता है। मुँह में कोई गाठ, मुँह में सफ़ेद दाग, घाव , मुँह खोलने और बोलने में तथा निगलने में दिक्कत होना मुख कैंसर का कारण होता है।
ब्लड कैंसर:- एक्सरे की किरणें यदि शरीर के अंदर प्रवेश हो जाती है तो यह अस्थियों को प्रभावित करती है। जिससे उसके खून के सेल्स भी प्रभावित होते है। बुखार का बहुत लम्बे समय तक बने रहना, जोड़ों व हड्डियों में दर्द, मुँह से खून निकलना, प्लीहा ग्रंथि के आकार में वृद्धि होना, सांस लेने में दिक्कत होना ब्लड कैंसर के कारण हो सकते है।
लंग कैंसर:- ख़ासी के साथ खून का आना, लगातार हल्की ख़ासी का बने रहना, आवाज़ में बदलाव आना, सांस लेने में दिक्कत होना लंग कैंसर के मुख्य कारण होते है।
सर्वाइकल कैंसर:- इसकी शुरुआती स्टेज भूख की कमी होना, दर्द, तेजी से वजन गिरना, एनीमिया होना प्रमुख कारण होते है।
ब्रेन कैंसर:-इसे ब्रेन ट्यूमर के नाम से भी जाना जाता है। यह बहुत तीव्रता के साथ बढ़ता है और इसे रोक पाना आसान नहीं है।
काफी गहन शोध के बाद भार्गव आयुर्वेदा सस्थान ने अपनी देख रेख में फार्मूला इजात किया। इसका श्रेय हरियाणा के प्रसिद्ध नाड़ी विशेषज्ञ (आयुर्वेदिक एक्सपर्ट,वेलनेस कोच ) डॉ अभिमन्यु भार्गव से जी को जाता है ! उन्होंने अपने 19 वर्षीय अनुभव में कई ऐसे मरीज ठीक कर दिए है ,जिन्होंने जीने की उम्मीद ही छोड़ दी थी !
डॉ भार्गव जी ने बताया इन सबके बीच आयुर्वेद में कैंसर का भी इलाज मुमकिन है। आप इसे पहली स्टेज या फिर सर्जरी के बाद भी ठीक कर सकते है ! उन्होंने ये भी बताया कि कैंसर को लाइलाज बिमारी समझा जाता है! अब आधुनिक चिकित्सा एवं आयुर्वेद विज्ञान पद्धति ने इस धारणा को तोड़ दिया है कि कैंसर होने के बाद मरीज ठीक नहीं हो सकता। कैंसर जैसी बीमारी को मात देकर मरीज एक बार फिर स्वस्थ और समान्य जीवन जी सकता है।
आज की पोस्ट में आपने कैंसर कितने प्रकार का होता है और इसके होने की वजह क्या है ! उम्मीद करते है कि भार्गव आयुर्वेदा के विशिष्ट डॉ अभिमन्यु भार्गव जी द्वारा दी गई जानकारी आपके लिए उपयोगी होगी। और इसके अलावा कोई और जानकारी के लिए हमारे संस्थान के हेल्पलाइन पर कॉल @8813830830 करके फ्री जानकारी प्राप्त कर सकते है ! या फ्री टिप्स और जानकरी के लिए हमारा ग्रुप https://chat.whatsapp.com/Dodgg0uTfu2LAHA4sxP58v ज्वाइन करे !
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