यमुनानगर के प्रसिद्ध नाड़ी एक्सपर्ट, वैलनेस कोच डॉ अभिमन्यु भार्गव जी ने बताय कि डायबिटीज आज के दौर में एक महामारी बनती जा रही है। देश में दिन-प्रतिदिन डायबिटीज के मरीज बढ़ते जा रहे हैं।डायबिटीज होने पर डायबिटीज रोगी कितना भी ध्यान दे लेकिन शुगर अप और डाउन होता ही रहता है चाहे वो निजी कारण हो या हमारी आदते ऐसे में रोग पुराना होने के साथ साथ कई समस्यांएं भी होने लगती हैं और उसके साइड इफेक्ट्स भी दिखने लगते है ।
शुगर हमारी दिनचर्या में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित करती है और जिसके कारण हम मानसिक एवं थके , हारे और सहाय महसूस करते है इस दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए भार्गव आयुर्वेदा के वरिष्ठ वैध डॉ अभिमन्यु भार्गव जी ने बहुत गहन शोध और अपने क्लीनिकल प्रयोग में रोगियों के अनुभव द्धारा trusted formula आप लोगो के लिए प्रस्तुत किया है
आइए एक बार जान लेते है शुगर की बीमारी का साइड इफेक्ट्स हमारे शरीर पर किस तरह से होता है –
❗शुगर में नसों की खराबी होना भी आम बात है। इसे डायबेटिक न्यूरोपैथी कहते हैं। डायबिटीज जितना पुराना होता है न्यूरोपैथी होने की संभावना उतनी ही बढ जाती है।
❗नपुंसकता शुगर का ऐसा दुष्प्रभाव (साइड इफ़ेक्ट) है, जिससे पुरूषों का बचना बहुत मुश्किल होता है।
❗ शुगर के कारण यौन संबंधी समस्याएं जैसे यौन क्रिया की इच्छा में कमी, प्रीमेच्योर इजाकुलेशन जैसी समस्याएं आशंका काफी बढ़ जाती है !
❗शुगर के मरीजों को टी.बी. का खतरा अधिक हो जाता है क्योंकि डायबिटीज के कारण मरीजों की प्रतिरोधक क्षमता काफी कमजोर हो जाती है और उनका शरीर जल्दी ही कीटाणुओं का शिकार हो जाता है।
❗डायबिटीज से पीडि़त मरीज को हमेशा डायबिटिक फुट जैसी समस्या का खतरा बना रहता है। ऐसे में यदि वह पैरों की परेशानियों को नज़रअंदाज करते हैं जो आगे जाकर पैरों के अल्सर होने की आशंकाएं बढ़ जाती है।
❗शुगर के मरीजों को छोटे से इंफेक्शन में भी लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए। अन्यथा उन्हें जान का जोखिम बना रहता है।
❗शुगर रोगियों में हृदय-रोग कम आयु में होने का खतरा बढ़ जाता हैं। और दूसरा अटैक होने का खतरा सदैव बना रहता है।
कुछ और साइड इफेक्ट्स जो लंबे समय तक डायबिटीज होने के कारण होती है-
❗ आंखों से संभंधित समस्या – समय से पहले ही मोतियाबिंद होना, धुंधलापन होना, रेटिनापैथी होना और आंखों की ज्यादा खराबी होने पर अंधापन।
❗ हृदय सम्बंधित- हार्ट अटैक होना, हृदय और धमनियों संबंधित समस्याएं, अचानक हार्टबीट बढ़ना-कम होना, उच्च रक्तचाप होना आदि !
❗ सूजन रहना- चेहरे या पैरो पर या पूरे शरीर पर सूजन आना, नीले चख्ते पड जाना ।
❗ गुर्दे सम्बंधित समस्या – गुर्दा मूत्र में अधिक प्रोटीन्स जाना, गुर्दो का ठीक तरह से काम न करना।
❗ मानसिक सम्बंधित बीमारियां- दिमागी रूप से तनाव होना,यादाश्त में कमी आना, लकवा आदि।
मधु जीवन रस
डायबिटीज कंट्रोल एवं उसके होने वाले दुष्प्रभाव से लड़ने में प्रकर्तिक रूप से फायदेमंद।
मधुमेह (Diabetes) के दुष्प्रभावों के कारण, लक्षणों एवं रोगों में लाभकारी, आंतरिक शक्ति प्रदान करने और मन को स्वस्थ रखने में , मधुमेह से लड़ने की शक्ति प्रदान करता है। इंसुलिन स्राव को नियंत्रित करने में मदद और इंसुलिन प्रभाव के उत्पादन को नियंत्रित करना, फ्रैक्चर और शरीर की कोशिकाओं को स्वस्थ रखना। मधुमेह (Diabetes) के लिए एक पूर्ण रूप से सर्वश्रेष्ठ आयुर्वेदिक उपचार है।मधुमेह से होने वाली नकरात्मक क्रियाओं से लड़ता है !
लक्षण: –
👉🏻बहुमूत्रता
👉🏻वजन का कम होना
👉🏻घाव ना भरना
👉🏻भूख ज्यादा लगना
👉🏻उच्च रक्त शर्करा
👉🏻त्वचा में खारिश होना
मधुजीवन रस लेने के लाभ –
👉🏻थकान व् सुस्ती न होना
👉🏻दवा की खुराक का कम होना
👉🏻इंसुलिन स्राव का नियंत्रित होना
👉🏻नसों का दर्द, सुन्नापन और कमजोरी
👉🏻ब्लड शुगर का नियंत्रित होना
👉🏻मधुमेह 2 के कारणो को सही करना
👉🏻शरीर और सहनशक्ति को मजबूत बनाना
👉🏻यौन समस्याओं से छुटकारा
लेने की विधि: – 5 से 10 ML दिन में दो बार खाली पेट ले या चिकित्सक के निर्देशानुसार।
पैकिंग: – 500 ML
न्यूरोमेज़- प्लस कैप्सूल्स
न्यूरोमेज़- प्लस कैप्सूल्स नर्वस सिस्टम के लिए सबसे अच्छा आयुर्वेदिक उपचार है: – आयुर्वेदा सिद्धांत के अनुसार, लंबे समय तक वात और पित्त के असंतुलन होने के कारण नर्वस सिस्टम प्रभावित होता है, जिससे तंत्रिका संबंधी दर्द, सुन्नपन , कमजोरी, दर्द के प्रकार, न्यूरोमस्कुलर दर्द आदि होता है। आमतौर पर इस तरह के दर्द को देखा जाता है जो गैर-स्टेरॉयड विरोधी दवाओं के उचित सेवन के बाद भी ठीक नहीं होता है।
न्यूरोमेज़- प्लस कैप्सूल्स, एक कंपाउंड हर्बो-खनिज सूत्र, प्रकृति की गोद में लेने वाला, नर्वस सिस्टम पर उत्तेजक के रूप से काम करता है, सेंट्रल नर्वस सिस्टम पर एक टॉनिक और आरामदायक प्रभाव होता है। यह नसों के प्राकृतिक उपचार के लिए फाइटो-पोषक तत्वों के साथ कई सूक्ष्म और स्थूल तत्वों के साथ समृद्ध है। न्यूरोमेज़- प्लस कैप्सूल्स दर्द प्रबंधन और अविशेष दर्द विकारों में अच्छी चिकित्सा करता है
फायदे –
👉🏻 मधुमेह संबंधी फेरफेरल न्यूरोपैथी
👉🏻 अविशेष दर्द और कठोरता
👉🏻 ऊपरी और निचले में दर्द एवं सुन्नपन
👉🏻 अनिद्रा में
👉🏻 पौष्टिक और दर्दनाशक
👉🏻 तंत्रिका तंत्र के पोषक के लिए
👉🏻 तंत्रिका तंत्र के पोषण के लिए सुरक्षित एवं प्रभावशाली टॉनिक।
👉🏻 स्वस्थ तंत्रिका तंत्र के लिए हर्बल सप्लीमेंट और उसके सपोर्ट के लिए उपयोगी।
👉🏻 प्राकृतिक एवं लम्बे समय के उपयोग के भी लिए सुरक्षित
लक्षण : –
👉🏻 नर्वस सिस्टम के पौष्टिक की कमजोरी, न्यूरो-मांसपेशियों में दर्द और तंत्रिका कमजोरी में उपयोगी।
👉🏻 तंत्रिका तंत्र के लिए पुनर्स्थापनात्मक और पोषक।
👉🏻 गैर विशिष्ट और दर्द प्रबंधन में मदद करता है
लेने की विधि: – 1 से 2 कैप्सूल्स दिन में दो बार खाना खाने के बाद या चिकित्सक के निर्देशानुसार।
पैकिंग: – 60 Caps
📞 अपनी दवा घर बैठे मंगवाने के लिए –
यदि आप उपरोक्त समस्याओं से पीड़ित है तो ये फार्मूलेशन लेने पर मात्र 15 दिनों में लाभ दिखने लगेगा ! पूरा लाभ लेने के लिए आपको कम से कम 6 बॉटल्स का प्रयोग करना होगा और हमारे संसथान में कॉल करके घर बैठे दवा मंगवा कर इसका उपयोग खुद और अपने सगे संभंधियों के लिए करे !
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