करोना वायरस डिजीज को कोविद 19 के नाम से भी जाना जाताहै इस बीमारी को हाल फिलहाल डब्ल्यूएचओ ने महामारी घोषित किया है भारत सरकार ने नोटिफाइड डिजीज घोषित किया है
इस वायरस का सबसे बुरा प्रभाव रेसपायटरी सिस्टम पर अधिक होने के कारण रेसपायटरी वायरस नाम दिया गया है
करोना वायरस डिजीज के लक्षण
नाक का बहना
गले की खराश
खांसी
बुखार
सांस लेने में तकलीफ और सांस का छोटा होना
छाती में दर्द न्यूमोनिया जैसे लक्षण
इस बीमारी के संक्रमण के 2 से 10 दिन के बीच बुखार एवं स्वास संबंधित तकलीफ आती हैं
कोबिट वायरस डिजीज से कैसे बचें
अपने हाथ को 60% से 70% अल्कोहल वाले हैंड सैनिटाइजर से सैनिटाइज करें , इनमें यदि नीम तुलसी यदि घटक द्रव्य हैं तो और भी फायदेमंदसंक्रमित व्यक्ति से दूर रहें और उचित बचाव का पालन करें
पब्लिक प्लेस एवं गैदरिंग में जाने से बचें
बिना सैनिटाइज एवं अच्छी तरह से हाथ धुले बिना अपने आंख मुंह नाक को ना छुएं
बॉडी के इम्यून सिस्टम को स्ट्रांग बनाएं और स्ट्रांग बनाने वाले नेचुरल इनग्रेडिएंट्स जैसे हल्दी, तुलसी, गिलोय, मुनक्का आदि का सेवन करें खाने में अधिक लगभग 70 से 80% ग्रीन वेजिटेबल्स ,फ्रूट्स ,जड़ी बूटियां ले जिससे कि आपका बॉडी का इंटरनल फ्लूड रक्त एवं प्लाज्मा का पीएच स्लाइटली एल्काइन होने पर बैक्टीरिया एवं वायरस का संक्रमण आपके शरीर पर नहीं कर पाएगा आप पूरी तरह से अपने आप को करोना वायरस एवं अनेक संक्रमण वाली बीमारियों से रोकथाम कर पाएंगे
सभी संक्रामक बीमारियां उन लोगों पर ज्यादा प्रभाव कारी होती हैं जिनका रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है और जो लोग सिस्टमिक डिजीज जैसे दमा ,शुगर (मधुमेह )ब्लड प्रेशर या जिनका शरीर ज्यादा एसिडिक होता है उन लोगों को संक्रामक बीमारियां बहुत जल्दी प्रभावित करती हैं
जैसा कि अभी तक कोई मेडिसिन नहीं बनी है जो संक्रमण को पूरी तरह से नष्ट कर दे लेकिन जो लोग संक्रमित हैं उनको एप्रोप्रियेट केयर, इलाज और उनके लक्षणों के अनुसार मेजर रिवर्स को ध्यान देते हुए उचित चिकित्सा करना है
जैसा कि सभी वायरस के संक्रमण 1 हफ्ते से 21 दिन तक शरीर में असर दिखाते हैं यदि आपका इम्यून सिस्टम अच्छा है तो बीमारी से लड़कर जल्दी स्वस्थ हो जाता है इसी प्रकार कोविड-19 भी 14 से 21 दिन के बाद सही केयर और उचित आहार , रेपायरेटरी केयर करने पर खुद-ब-खुद 10 से 11 दिनों के बीच अर्थात पूर्णतया 21 दिनों आपके शरीर का इम्यून सिस्टम न्यूट्रलाइज कर देगा
जड़ी बूटी से करोना पर वार
मग पीपली बॉटनिकल नेम पाइपर लोंगम : आयुर्वेद के ग्रंथों में पीपली को रसायन के रूप में प्रयोग कराया जाता है जो खांसी जुकाम बुखार तीव्र श्वास विकार फेफड़े की कमजोरी गले की सूजन फेफड़े में कफ का अधिक संचय होना या संक्रमण के प्रभाव सेअधिक बन्ना, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में बेहद असरकारी है जैसा कि करो ना वायरस के सभी लक्षण इसी प्रकार है इसलिए यह आयुर्वेद प्रमाणित औषधि लक्षण चिकित्सा में बेहद कारगर है ।
पीपली में क्षारीय तत्व अधिक होता है इसलिए आपकी बॉडी फ्लूड को एल्कलाइन रखने में भी सहायक है
पीपली का प्रयोग
तीन तीन दाना पीपली खोलें इसका पाउडर बनाकर शहद के साथ दिन में एक बार ले
तीन दाना पीपली को दरदरा कर एक कप पानी में पकाएं चाय की तरह जब आधा बच जाए छानकर पिए स्वाद के लिए शहद भी आधा चम्मच डाला जा सकता है
प्रयोग अधिकतम 21 दिनों तक करें
शरीर के सभी टिशू को पुष्ट करता है और सभी लक्षण जो करोना मैं पाया गया है उसने प्राकृतिक रूप से लड़ने में सक्षम और उपयोगी है
नोट: पीपली का प्रयोग जो लोग करोना के संक्रमण से डर रहे हैं या संभावित संक्रमण से बचना चाहते हैं या खांसी जुकाम बुखार नजला होने पर करोना से ग्रसित होने के बारे में डर सताता है । वह सभी लोग पीपली का 21 दिन तक प्रयोग करें जो पूर्णतया आपके लिए हितकर एवं निरापद है
भ्रांतियां एवं मिथ का हल
बहुत सारे लोग क्लाइमेटिक चेंज की वजह से खांसी ,नजला से पीड़ित है और वह लोग करोना रोग की लक्षणों की जानकारी होने पर ऐसा महसूस कर रहे हैं कि कहीं करोना का संक्रमण तो नहीं। डर जायज है लेकिन भयभीत नहीं हो जैसे पहले नजला जुकाम एवं वायरल बुखार का इलाज लेकर ठीक होते रहे हैं पैसा सब कुछ करते रहे हां यदि आप नजला खांसी जुकाम बुखार के साथ सांस लेने में तकलीफ महसूस कर रहे हैं तो जरूर सरकारी हॉस्पिटल में जाकर करुणा की जांच कराएं यदि ऐसा कोई संक्रमण मिलता है तो जिम्मेदार नागरिक होने के नाते करोना वायरस के प्रोटोकॉल को फॉलो करें सरकार की मदद करें अपने आप को पृथक रखें मास्क का प्रयोग करें ड्रॉपलेट्स इस लीजिंग ड्रॉपलेट्स कफिंग ड्रॉपलेट्स को से दूसरे को संक्रमित होने से बचाएं करोना बीमारी मैं सरकारी आंकड़ों एवं डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट के मुताबिक मृत्यु दर 2 से 5% है जो मुख्यतः स्वसन तंत्र के फेल होने की वजह से होती है 80% प्रभावित लोग बहुत जल्दी ठीक हो जाते हैं 15%% लोग थोड़ा जटिलता मैं आकर ठीक होते हैं
तो करोना से डरे ना ….लड़े!
जिम्मेवार नागरिक होकर स्वच्छ भारत एवं स्वस्थ भारत का सृजन करें , मिसाल कायम करें और विश्व का स्वास्थ्य नेतृत्व करने में भूमिका अदा करें
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लेखक एवं स्वास्थ्य निर्देशनद्वारा
नाड़ी एक्सपर्ट, वैलनेस कोच आयुर्वेदा कंसलटेंट डॉ (वैद्य) अभिमन्यु भार्गव
भार्गव आयुर्वेदा
2001 से आयुर्वेदिक सेवा में तत्पर


