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Jaundice(पीलिया) – Types, Causes, Symptoms & Ayurvedic Treatment – Dr. Abhimanyu Bhargava

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    रक्त में बिलीरुबिन ज्यादा होने के कारण पीली त्वचा।

    पीलिया में लीवर सबसे प्रभावित होने वाला अंग है जिसका देखभाल जिसका उचित समाधान करना बहुत जरूरी है लीवर के सेल्स 6 महीने में अपने आप नवीनीकृत हो जाते हैं केवल सहायक औषधियों का प्रयोग करके लीवर के स्वास्थ्य को बढ़ाना है।

    पीलिया रोग में खून की कमी हो जाती है थकावट होने लगती है मांस पेशियों में कमजोरी महसूस होती है त्वचा का ग्लो कम हो जाता है रंग पीला पड़ने लगता है।

    Ques1:-  जॉन्डिस क्या है ?

    Ques2:- इन्फैक्शंस जॉन्डिस एवं मेटाबोलिक जॉन्डिस में क्या भेद है ?

    Ques3:- जॉन्डिस क्यों होती है ?

    Ques4:- जॉन्डिस रोग से कैसे बचा जा सकता है ?

    Ques5:- जोन्डिस रोग में आयुर्वेद एवं खान पान बेहद लाभकारी है ऐसा कहा जाता है ? सत्यता जानने का प्रयास करते हैं ?

    Ques6:- आयुर्वेद चिकित्सा में वैद्य लोग ऑब्सट्रक्टिव एवं ऑब्सट्रक्टिव जॉन्डिस का इलाज कैसे और किस सिद्धांत को फॉलो करते हैं ?

    Ques7:- लिवर सेल्स को किन किन जड़ी बूटियों के प्रयोग द्वारा rejuvnate किया जाता हैं ?

    हिपेटिक सेरोसिस क्या है और इसमें आयुर्वेद के दवा किलनी कारगर है ?

    Ques8:- वायरल संक्रम में लिवर की तेजस अग्नि को कैसे रेगुलेट करे ?

    Ques9:- Gall ब्लैडर की सूजन एवं inflammation क्या है, क्या लक्षण मिलते हैं ? आयुर्वेदिक इंग्रीडिंटस क्या है जो सूजन रोकथन में कारगर है ?

    कुटकी और मुलेठी, एंटीडोट की तरह निसोथ और हरीतकी का प्रयोग लाभकारी है ?

    Ques10:- जॉन्डिस रोग में क्या खान पान फायदेमंद है ?

    संबंधित सभी क्वेश्चन का जवाब वीडियो के अंतर्गत दे दिया गया है पूरी वीडियो देखें और प्रत्येक क्वेश्चन का आंसर समझे।

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