#बवासीर या #पाइल्स एक ऐसी बिमारी है जो शरीर से मल निकालने में परेशानी बनती है। बवासीर मलाशय के आसपास की नसों में सूजन के कारण और इन्फ्लमेशन होने के कारण होता है,पाइल्स या बवासीर एक ऐसी बिमारी है जो शरीर से मलत्याग में समस्या पैदा करती है। बवासीर मलाशय के आसपास की नसों में सूजन और सूजन के कारण होती है।और शौच करते समय रुकावट पैदा होती है या खून आता है या अत्यधिक दर्द होता है। अगर इसका उपचार सही समय पर न किया जाए तो बवासीर में होने वाला दर्द असहनीय होता है।हमारे एक्सपर्ट डॉ #अभिमन्यु जी ने बताया कि 50 प्रतिशत लोगों को यह शिकायत अधिकतर 50 की उम्र पार करने के बाद मिलती है।
पाइल्स से जुड़ी सबसे बड़ी समस्या यह है कि लोग इसके बारे में डॉक्टर से बात करने और इसे छिपाने में संकोच करते हैं।यह बिमारी #संक्रमण का खतरा बढ़ाती है। शुरुआत में केवल दर्द और जलन महसूस करता है लेकिन अगर समस्या बढ़ जाती है तो खून आने लगता है। बवासीर में, गुदा या गुदा क्षेत्र की रक्त वाहिकाएं बड़ी हो जाती हैं जिसके कारण जलन के साथ दर्द होता है। इस बीमारी का मुख्य कारण #अनियमित #आहार और भोजन है। #मोटापा, #कब्ज, #संभोग में #अतिशयोक्ति, #शौच को दबाना, खराब जीवन शैली, अत्यधिक #शारीरिक #तनाव, #मांसाहारी #भोजन, शराब, #मसालेदार पदार्थों का सेवन आदि भी कुछ अनिश्चित कारण हैं।रेक्टल एरिया में दर्द, #खुजली और जलन, सूजन और संक्रमण इसके सामान्य लक्षण हैं। पाइल्स का इलाज आयुर्वेद में संभव है, अगर आपको डॉक्टर से बात करने में किसी भी तरह की झिझक होती है तो आप चाहें तो इसे घरेलू उपचार की मदद से ठीक कर सकते हैं। चलिए जानते है हमारे एक्सपर्ट से –
#अंजीर का सेवन :- दो-तीन अंजीर को गर्म पानी से धोएं और रात को कांच के बर्तन में भिगो दें। सुबह इसका सेवन करे और उनके पानी भी पी ले। अंजीर का प्रयोग दो-तीन सप्ताह तक करने से बवासीर में लाभ होता है।
#छाछ और #जीरे का सेवन :- लगभग दो लीटर मट्ठा लें और इसमें 50 ग्राम पिसा हुआ जीरा और थोड़ा काला नमक मिलाएं। जब भी आपको प्यास लगे तो पानी की जगह इस छाछ को पी लें। सात दिनों तक इसका प्रयोग करने से बवासीर में आपको लाभ मिलेगा !
#पपीते का सेवन :- #कच्चे #पपीते में पाचक रसों को बढ़ाने की क्षमता होती है। पपीता पेट के रोगों के लिए रामबाण है। बवासीर के रोगी को इसका सेवन करने से लाभ मिलेगा !
#जामुन के साथ बवासीर का उपाय :- जामुन और आम की गुठली के अंदरूनी भाग को सुखाकर उसका पाउडर बना लें। इस चूर्ण का एक चम्मच गुनगुने पानी या छाछ के साथ लेने से दूसरी चरण के बवासीर में लाभ होता है।
#इसबगोल :- इसबगोल की भूसी को दही में मिलाकर लें। ईसबगोल की भूसी का उपयोग करने से अनियमित और कठोर दस्त से राहत मिलती है। इसके कारण आपका पेट साफ रहता है और आपके मस्से लंबे समय तक दर्द नहीं करते हैं।
#सेब का #सिरका बवासीर में फायदेमंद: – सेब का सिरका अपने कसैले गुणों के कारण रक्त वाहिकाओं को सिकोड़ने में मदद करता है। एक #खूनी-बवासीर में दो चम्मच सेब के सिरके को एक गिलास पानी में मिलाकर पिएं।
#बवासीर में #परहेज
यदि आप बवासीर से पीड़ित है तो इन चीजों से बचना बहुत जरूरी है: -जंक फूड, तले-भुने और मिर्च-मसालों वाले भोजन का सेवन बिलकुल न करें। अधिक देर तक एक ही जगह पर बैठे ना रहें।
#अत्यधिक #सेवन :- #रेशेदार #फल और #सब्जियां अधिक खाएं। रोजाना 7-8 गिलास पानी पिएं। भोजन में नियमित रूप से छाछ का सेवन करें। नियमित रूप से #व्यायाम एवं #प्राणायाम करें।
#पाइल्स की समस्या के मामले में कोई लापरवाही न बरतें और केवल घरेलू उपचार पर ही निर्भर न रहें। अन्यथा यह बीमारी खतरनाक साबित हो सकती ! अगर आपको ऊपर बताये गए उपायों से लाभ न मिले या आपकी दिक्कत कही ज्यादा बढ़ चुकी है तो आप बिना संकोच किये हमारे संसथान से दवा मंगवा कर अक्पना इलाज घर बैठे कर सकते है ! या फिर मिले नार्थ इंडिया के प्रसिद्ध नाड़ी #एक्सपर्ट (#आयुर्वेदा#कंसलटेंट / #वैलनेस#कोच ) डॉ. अभिमन्यु भार्गव जी से !
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