#फ्रोजेन #शोल्डर आज एक आम समस्या बनती जा रही है। #आपाधापी वाली #वर्तमान #लाइफस्टाइल भी इस तकलीफ का एक प्रमुख कारण है। हरियाणा के प्रसिद्ध अभिमन्यु भार्गव जी ने बताया कि जीवनशैली में बदलाव और कुछ एहतियाती उपायों को अपनाकर इस दर्दनाक समस्या से बचा जा सकता है।यदि किसी व्यक्ति के कंधों में सूजन है, ठीक से काम नहीं करते हैं, रोगी को कोई भी काम करते समय या सामान उठाते समय उसके कंधे में तेज दर्द होता है, तो यह फ्रोजन शोल्डर नाम की बिमारी हो सकती है।
#फ्रोजन #शोल्डर #होने के #कई #कारण हो #सकते हैं – डॉ भार्गव जी ने बताया कि कामकाजी वर्ग और कंप्यूटर का उपयोग करने वाले लोगों में फ्रोजन शोल्डर अधिक पाया जाता है। इसका कारण यह है कि कंधों को लंबे समय तक एक ही स्थिति में रखना, बहुत अधिक समय तक एक ही कंधे पर अधिक वजन रखना, कंधों से बहुत अधिक काम न लेना, हड्डियों का कमजोर होना आदि। कई बार फ्रोजन शोल्डर की समस्या पैदा हो जाती है या फिर कंधे पर कोई आघात और चोट लगी हो।
#फ्रोजेन #शोल्डर #होने के #लक्षण–
-फ्रोजन शोल्डर के दौरान, कंधे सूज जाते हैं और अकड़न के कारण कठोर हो जाते हैं, जिससे हाथ हिलाना बहुत मुश्किल हो जाता है और हिलने पर तेज दर्द होता है।
-रोगी को कंधे को किसी भी दिशा में मोड़ने में कठिनाई होती है।
-कंधे का दर्द रोगी की गर्दन और ऊपर तक फैलता है।
-काम करने की गति बहुत धीमी हो जाती है और रात में दर्द अधिक परेशान करता है। छोटे काम जैसे कंघी करना, बटन बंद करना आदि भी मुश्किल हो जाता हैं।
-यदि हाथ को पीछे की ओर करना है, तो कंधे में बहुत दर्द होता है।
-कई बार बहुत अधिक सूजन होती है और अचानक तेज दर्द फ्रोजन शोल्डर के नीचे होने लगता है और कंधे में ऐंठन होती है, जो कई मिनट या घंटों तक भी रह सकती है। यह रोग कई महीनों या वर्षों तक हो सकता है।
#फ्रोजेन #शोल्डर से होने #वाली #समस्याएं –
फ्रोजन शोल्डर से कई और समस्याएं भी हो सकती हैं, जैसे डिप्रेशन, गर्दन और पीठ में दर्द, थकान, काम करने में अक्षमता आदि। फ्रोजन शोल्डर से मरीज को डायबिटीज, दौरे, फेफड़ों की बिमारी, कनेक्टिव टिश्यू डिसऑर्डर और कार्डियोवस्कुलर डिजीज होने का खतरा ज्यादा हो जाता है। यह बिमारी पुरुषों की तुलना में महिलाओं में अधिक पाई जाती है और 40 साल से कम उम्र के लोगों में अधिक देखने को मिलती है।जो लोग इससे पीडित हैं, उन्हें कई महीनों या अधिक लंबे समय तक काम करने एवं जीवन की सामान्य गतिविधियां करने में अत्यधिक कठिनाई होने की आशंका रहती है।
#क्या #है #इलाज
डॉ भार्गव जी ने बताया कि फ्रोजेन शोल्डर का इलाज आयुर्वेद में संभव है। इसमें शारीरिक चिकित्सा, औषधि, मालिश चिकित्सा, शल्य-चिकित्सा इत्यादि की जाती है। एवं जड़ी – बूटियों द्वारा दर्द के मूलकारण को खत्म करना आयुर्वेद में सक्षम है !
डॉ भार्गव जी ने इसकी सावधानी और रोकथाम के बारे में भी बताया :-
* इस दौरान कंधों का हल्का-फुल्का व्यायाम बेहद जरूरी है।
* खान-पान का खास ध्यान रखें और ताजा फल-सब्जियां, जूस और पौष्टिक आहार का सेवन जरूरी है।
* गर्म पानी से सिंकाई करनी चाहिए।
* प्रतिदिन मालिश करना भी बेहतर उपाय है।
* रात के समय में कम से कम एक घंटे तक ठंडा लेप कंधे पर करना चाहिए।
* फ्रोजेन शोल्डर में यह जरूरी है कि कंधे के दर्द को कम किया जाए और कंधे में मूवमेंट लाई जाए।
अगर आप भी फ्रोजेन शोल्डर के दर्द / रोग से पीड़ित है और इसका कोई स्थायी इलाज नहीं मिल पा रहा है तो आज ही मिलिए #हरियाणा के #प्रसिद्ध नाड़ी एक्सपर्ट (#आयुर्वेदा#कंसलटेंट / #वैलनेस #कोच ) डॉ. अभिमन्यु भार्गव जी से ! दवा के 15 दिन के लेने पर ही इसका फर्क देखे !
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