#आखिरी स्टेज में आकर #हड्डियों में फैलता है कैंसर- जिसे बोला जाता है #बोन कैंसर !! इसका बुरा प्रभाव यह है कि अगर मरीज को हल्की चोट लग जाए तो #फ्रैक्चर होना आम बात है। इस रोशनी के लक्षणों के बारे में बताया जाता है कि दर्द की एक जोड़ी, आकस्मिक फ्रैक्चर, रीढ़ की हड्डी में दर्द कैंसर का मुख्य लक्षण है।
बोन कैंसर के कारण इन दिनो अस्पतालों में काफी भीड़ देखने को मिल रही है ! डॉ भार्गव जी के अनुसार,मरीजों की संख्या ज्यादा और कम डॉक्टरों के कारण ऑपरेशन की वेटिंग बढ़ती जा रही है! इसी बीमारी के बारे में,अक्सर उम्र के बढ़ने के साथ साथ बोन कैंसर होने की भी संभावना काफी बढ़ जाती है।लेकिन एक कैंसर ऐसा भी है, जो 40 से अधिक उम्र के लोगों में सबसे अधिक देखा जा रहा है, इसका नाम है सेकंडरी बोन कैंसर।
डॉ भार्गव जी ने कहा कि इस रोग को धूमकेतु #कार्सिनोमा के रूप में जाना जाता है। दरअसल, सेकंडरी बोन कैंसर के लक्षण उन लोगों में अधिक पाए जाते हैं जिन्हें #स्तन, #फेफड़े, #प्रोस्टेट, #थायरॉयड जैसी कैंसर की समस्या है।अंतिम चरण में पहुंचने पर, यह कैंसर हड्डियों तक फैलने लगता है ! जिसके कारण हड्डिया कमजोर होने लगती है !कई बार अचानक फ्रैक्चर से ही कैंसर का पता चल पाता है। वृद्धा वस्था में स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए। #दूध, #हरी #सब्जियों, मौसमी फलों का नियमित सेवन करें, इससे हड्डियों में #कैल्शियम बनाए रखने में मदद मिलती है शरीर को #फिट रखने के लिए हल्के व्यायाम और योग जरूर करें।
डॉ अभिमन्यु भार्गव जी का कहना है कि अगर मरीज सही समय पर इसका पता लगा पाए तो इस बिमारी से आयुर्वेद की मदद से से खुद को बचा सकते है ! और ऑपरेशन से बचा सकते है ! और अगर आपको या आपके किसी भी सगे सम्बन्धी को ऐसे लक्षण दिखे या आपको बोन कैंसर की पुष्टि हो चुकी है ! तो बस आज ही मिलिए हरियाणा के प्रसिद्ध नाड़ी जांच विशेषज्ञ डॉ अभिमन्यु जी से और हमारे एक्सपर्ट #नूट्रिशनिस्ट की मदद से अपनी डाइट चार्ट से अपने आप को स्वस्थ रखे !
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